नहीं था पंडित रामयत्न के टक्कर का ज्योतिषी, लिखा था पंचांग, परिजानों ने बताई बड़ी बात

लोकल 18 से बातचीत के दौरान स्वर्गीय पंडित रामयत्न ओझा के चौथी पीढ़ी के परपोता अजय कुमार ओझा ने बताया कि स्वर्गीय पंडित रामयत्न ओझा 8 वर्ष की अवस्था में चना-चबेना बांधकर बनारस गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण के लिए साधु संतों के जमात में शामिल हो गए. उन्होंने अपना घर छोड़ दिया. 12 वर्षों तक घर छोड़कर शिक्षा ग्रहण किया. बाद में वह बहुत बड़े ज्योतिषी हो गए. उस समय उत्तर भारत में उनके टक्कर का कोई ज्योतिषी नहीं था.

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